Just Wait For The Sun

© Lisa Marks

About The Poem

Just Wait For The Sun by Lisa Marks about holding on for better days and waiting for the bad times to pass. This poem is just trying to say please don't think things will always be this bad. Please don't give up. You are not alone. It is a plea to anyone who might ever feel like there is nothing left to live for.

Just Wait For The Sun

by:
© Lisa Marks

When everything's darkness

And you feel so alone,

When the rain doesn't stop

And you can't make it home,

When it feels all is lost

And you just want to run,

It can't rain forever.

Just wait for the sun.

 

When family is pain,

When friends can't be found,

When you just want to scream

But you can't find the sound,

When it's all your fault,

And you feel like you're done,

Just wait for the sun.

 

The sunshine will come.

The storm always passes.

It won't last forever.

The rain always stops and 

gives way to good weather.

The brightest and warmest of days still to come.

Please wait for the sun.

The sunshine will come.

 

People who need you,

People who still love you

Can warm up your soul 

like the sunshine above you.

You're never alone,

No matter what's done.

Wait for the sun.

Just wait for the sun.

 

Dark clouds always pass.

I promise you, hun.

We're all waiting with you.

Just wait for the sun.

फिर सूरज निकला करता है

लेखक :
लिसा मार्क्स
Transcreated By:
'Ambar' Kharbanda

जब हो चारों तरफ अँधेरा और अकेलापन डसता हो

जब वर्षा रुकने को न आए, जब छाई घनघोर घटा हो

जब तुम रस्ते में फँस जाओ, मुश्किल हो घर लौट के जाना

तब तुम प्यारे! अपने मन को सच्ची-सी ये बात बताना

वर्षा का ऐसा मौसम कब ज्यादा देर रुका करता है

ऐसा मौसम थम जाता है, फिर सूरज निकला करता है

 

जब हर तरफ निराशा हो, जब कोई अपना नज़र न आए

जब अपनी आवाज़ तुम्हारा साथ न दे, धोका दे जाए

जब लगता हो सब कुछ पीछे छूट गया अब क्या होना है

अब क्या पाना है जीवन में, अब तो बस सब कुछ खोना है

तब रखना विश्वास कि जल्दी अँधियारा ये छँट जाएगा

फिर सूरज निकलेगा, फिर से सब कुछ उजला हो जाएगा

 

तूफ़ां तो आते रहते हैं लेकिन रुकते नहीं हमेशा

वर्षा भी तो थम जाती है फिर आता है मौसम अच्छा

फिर सूरज निकलेगा तुम बस ये विश्वास जगाए रखना

उजले मौसम की तुम अपने दिल में आस लगाए रखना

 

जो अपने हैं वो भर देंगे फिर से जीवन में उजियारा

जो अपने हैं वही अकेलेपन में देंगे तुम्हें सहारा

काले बादल देर तलक कब रुकते हैं, हमने देखा है

हमने बादल के पीछे से सूरज को उगते देखा है

 

तुम रखना विश्वास कि जल्दी अँधियारा ये छँट जाएगा

फिर सूरज निकलेगा, फिर से सब कुछ उजला हो जाएगा

काले बादल देर तलक कब रुकते हैं, हमने देखा है

हमने बादल के पीछे से सूरज को उगते देखा है